ऑनलाइन विज्ञापनों का युवाओं पर प्रभाव हरियाणा राज्य के सन्दर्भ में । Online vigyapanon ka yuvaon per Prabhav Haryana Rajya ke sandrbh mein

Author: Vikas Kumar

Publication Year: 2021

Keywords: thesis

Abstract: शोध सार

उपभोक्ताओं पर विज्ञापन ने एक सशक्त माध्यम बनकर प्रभाव डाला है। किसी उत्पाद की मार्केटिंग में विज्ञापन, शक्तिशाली हथियार के रूप में कारगर सिद्ध रहा है। किसी कंपनी अथवा विक्रेता के संदेश को सटीक ग्राहकों तक पहुंचाने का आसान माध्यम विज्ञापन है, जो वस्तु को बाजार में तत्परता के साथ पहुंचाने की काबिलियत रखता है। विज्ञापन कला एक बहुआयामी विधा है। सफल व्यापार की पहली शर्त सफल विज्ञापन होना है, तभी कोई व्यापार फल फूल सकता है। सूचना क्रांति के कारण विज्ञापन बाजार तेजी से विकसित हो रहा है और इस बाजार को प्रतिस्पर्धा ने दिशा और गत्ति प्रदान की है। डिजिटल तकनीक आने के बाद व्यापार करने में सुलभता आई है तथा परंपरागत व्यापारिक गतिविधियों में पुनरुत्थान की संभावनाएं को बल मिला है। आज के औद्योगिक युग में हम किसी भी ऐसे क्रियाकलाप की कल्पना नहीं कर सकते, जिसमें तकनीकि क्षेत्र का या क्रांति का इस्तेमाल ना हुआ हो। तकनीक आज की संस्कृति निर्माण में अहम भूमिका अदा कर रही है। इस डिजिटल युग में समस्याओं तथा संभावनाओं को उजागर करने का निर्णायक कदम आज की सूचना तकनीक ने ही उठाया है अब सूचना तकनीक के कारण तथा सूचना पहुंच को व्यापक होने के साथ-साथ लोग साइबोर्ग होते जा रहे है जो हर वस्तु की खोज इंटरनेट पर करते है, मनोरंजन इंटरनेट पर करते हैं, और पढ़ने का काम भी इंटरनेट पर ही हो रहा है। यह साइबर स्पेस व्यक्ति को विचरण करने के लिए सूचनाओं का भंडार उपलब्ध करवाता है। इसी तकनीक को आगे बढ़ाकर व्यापारिक संस्थान भी अपने उत्पादों को बिक्री के लिए, ऑनलाइन माध्यमों के मंच पर लाने में सफल रहे है आज प्रत्येक वस्तु इंटरनेट पर विक्रय के लिए उपलब्ध है। भारत में 56 करोड़ लोग इंटरनेट उपभोक्ता है, ऐसे में कोई सूचना या विज्ञापन एक क्लिक में उपभोक्ता तक पहुंचाये जाते है। भारत में ऑनलाइन विज्ञापनों में दिन प्रतिदिन इजाफा रहा है। 2021 तक भारतवर्ष में 30 से 40 करोड लोग इंटरनेट से और जुड़े जाने की संभावना है। इसी के कारण इंटरनेट भी लोगों तक सूचना और अपनी पहुंच बनाने के लिए नित प्रतिदिन नए शोध किए जा रहे है आज अनेक क्षेत्रीय भाषाओं में इंटरनेट सामग्री उपलब्ध करवा रहा है। जिससे आने वाले समय में ऑनलाइन विज्ञापनों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। वर्तमान समय में ऑनलाइन विज्ञापनों का खर्च अन्य परंपरिक माध्यमों के अपेक्षा बहुत कम है। आज विज्ञापन देने वाले कंपनियां अपने बजट का बहुत बड़ा हिस्सा केवल इंटरनेट विज्ञापनों के लिए रखते हैं यह केवल डिजिटल माध्यमों पर खर्च किया जा रहा है। ऑनलाइन विज्ञापन उद्योग 2021 तक 24,920 करोड रुपए तक पहुंचने की संभावना है। इसके पीछे भारत में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के बीच इंटरनेट उपलब्ध कराने की प्रतिस्पर्धा है। जो उपभोक्ता को सस्ता इंटरनेट उपलब्ध करवा रहे हैं, भारत में ऑनलाइन विज्ञापन उद्योग बड़ी तेजी से फैला है आंकड़े यह प्रदर्शित करने के लिए काफी है कि भारत में उभरती अर्थव्यवस्था में इंटरनेट उपयोग करने वाले बिजली की तेजी से प्रतिदिन बढ़ रहे है तथा विज्ञापन एजेंसियों की नजर इस पर है जो इसे एक उभरता मंच के रूप में देखते हुए विज्ञापन का बजट का 35 प्रतिशत केवल ऑनलाइन विज्ञापनों को दे रहे है। उपभोक्ताओं का एकदम से पारंपरिक माध्यमों से विमुख होकर इंटरनेट माध्यमों पर या न्यू मीडिया पर आ जाना भारत में हो रहे आधुनिक बदलाव का संकेत है। भारत में ऑनलाइन विज्ञापन 2013 से 2018 में 5 प्रतिशत वृद्धि दर से बढ़ा है। यह उद्योग 28 प्रतिशत वृद्धिदर के साथ 2013 में 29,000 करोड रुपए हो गया। 2016 में भारत में विज्ञापन उद्योग 56.398 करोड़ रुपए था, जो 2017 वर्ष आते आते 14 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ 64,488 करोड़ रुपए पहुंच गया। सी. ए. जी. आर. की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में 15 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ यह उद्योग लगभग 99595 करोड़ रुपए हो चुका होगा। पारंपरिक माध्यमों की अपेक्षा नव संचार माध्यम तीव्र तथा ज्यादा विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध करवा रहे है। न्यू मीडिया जो कंप्यूटर एवं इंटरनेट पर अधारित हो जिनमें कंप्यूटर ग्राफिक, कंप्यूटर खेल, परस्पर संवादात्मक, यांत्रिकी वेबसाइट इत्यादि सम्मिलित है। न्यू मीडिया पारंपरिक मीडिया की अपेक्षा ज्यादा गतिशील माध्यम बनकर उभरा है, जहां व्यक्ति की मांग पर या चाहने पर शब्द, वीडियो, विज्ञापन, सूचना, गीत-संगीत आदि प्राप्त होते है। सोशल मीडिया और सामाजिक नेटवर्क सेवाएं भी, न्यूमीडिया है साइबर संस्कृति पर आधारित होने के कारण व्यक्ति की जिज्ञासा को शांत करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करता है जहां हर व्यक्ति अपनी बात समाज के दूसरे व्यक्तियों के सामने एक मंच के माध्यम से रखता है। इंटरनेट पर सीमाओं का बंधन नहीं है इसलिए व्यक्ति के विचार एवं भावनाएं वैश्विक तौर पर व्यक्त करने का साधन है। न्यू मीडिया ने प्रत्येक सामग्री को डिजिटल होने के लिए मजबूर कर दिया है। इस शोध में युवाओं को प्रतिदर्श के रूप में हरियाणा से चयनित किया गया है। हरियाणा की विशाल विषम जनसंख्या के लिए 1000 उत्तरदाताओं को प्रतिदर्श स्वरूप सम्मिलित किया है, जो हरियाणा राज्य की जनसंख्या का अनुपातिक प्रतिनिधित्व करता है। युवावर्ग इकाईयोंको 4 जिलों में से चुना गया है जिलो में से 8 गावों का चुनाव लाटरी विधि से किया गया है। शिक्षा का उपभोक्ता के क्रय निर्णय पर गहरा प्रभाव है तथा अधिकतर युवावर्ग अपनी शिक्षा के कारण और अनुभवों के कारण ऑनलाइन विज्ञापनों के प्रति सचेत तथा जागरूक है। ऑनलाइन विज्ञापनों का युवाओं (ग्रामीण और शहरी) पर सकारात्मक प्रभाव होता है तथा अंतर्राष्ट्रीय बाजार के उत्पाद की सूचना देने का सर्वोत्तम माध्यम ऑनलाइन विज्ञापन है। अब अधिकतर इंटरनेट उपयोगकर्ता कंप्यूटर की अपेक्षा अपने मोबाइल फोन पर इंटरनेट का उपयोग करते है. शोध में 85 प्रतिशत युवावर्ग अपने मोबाइल का उपयोग इंटरनेट के लिए करता है जो वर्तमान समय में तकनीक के क्षेत्र में आए परिवर्तन को दर्शाता है साथ ही सूचना प्रवाह को अंकित करता है। मीडिया कन्वर्जेंस के महत्व को इस शोध ने भली-भांति उजागर किया है। 88 प्रतिशत युवावर्ग इंटरनेट विज्ञापनों से किसी न किसी रूप में रू-ब-रू होता है तथा अपने रुचि के विज्ञापनों में अभीरुचि रखता है। ग्रामीण तथा शहरी दोनों युवावर्गों का प्रतिशत लगभग समानुपातिक है। विज्ञापनों का सकारात्मक प्रभाव के साथ-साथ नकारात्मक प्रभाव भी युवावर्ग पर पड़ता है। युवावर्ग का ऐसा मानना है। इस नकारात्मक प्रभाव में ऑनलाइन विज्ञापनों मे भ्रामकता का अंश विद्यमान रहता है। ऑनलाइन विज्ञापनों के प्रभाव को देखते हुए अधिकांश विज्ञापन इन डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते है इंटरनेट पर अस्थिर विज्ञापनों की अपेक्षा एक जगह स्थिर रहने वाले विज्ञापनों में उत्पाद की सूचना देने की क्षमता अधिक होती है। वही अधिकतर युवावर्ग वीडियो विज्ञापनों को सूचना देने में प्रभावी मानता है तथा वीडियो में मनोरंजनात्मकता का गुण होने के कारण युवावर्ग वीडियो में दिखाए गए उत्पाद को भविष्य के लिए अपनी याददाश्त में संजो कर रखता है।

University: Shri Jagdishprasad Jhabarmal Tibarewala University

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